Liger Review: यह क्रॉस ब्रीड हीरो करता है बिल्ली जैसा म्याऊं, आप सोचेंगे ये कैसा मजाक है

लाइगर क्रॉस ब्रीड है. बॉलीवुड और तेलुगु सिनेमा की. लेकिन नतीजा बहुत कमजोर. इसकी गुर्राहट बिल्ली की म्याऊं जैसी है.

साफ-साफ कहें तो लाइगर इस साल की सबसे खराब फिल्मों की रेस में आगे रहेगी.

रिलीज से पहले जितनी बड़ी-बड़ी बातें थीं, वैसा इसमें कुछ नहीं है. झबरे बालों वाला हीरो निराश करता है.

हीरोइन के बारे में पहले से कहा जा रहा है कि वह हर मामले में सपाट हैं. रही बात माइक टाइसन की, तो राइटर-डायक्टर ने पूर्व वर्ल्ड हैवीवेट चैंपियन को कॉमेडियन बना दिया है.

अगर साउथ को बॉलीवुड के साथ मिलकर ऐसी ही फिल्में बनानी है, तो उन्हें तत्काल हिंदी फिल्मवालों से दूरी बना लेनी चाहिए क्योंकि इस क्रॉस ब्रीड में उनके सिनेमा का बुरा हश्र होगा.

लाइगर की नींव ही सबसे कमजोर है. कहानी और स्क्रिप्ट. यह बे-सिर-पैर का, बिना सोचा-समझा स्पोर्ट्स ड्रामा है.

बीते कुछ साल में जो भी बॉलीवुड मेकर मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स पर फिल्म बनाता है, वह कहता है कि यह इंडिया की पहली ऐसी फिल्म है.

प्रोड्यूसर करण जौहर अपनी 2015 में बनाई ‘ब्रदर्स’ को ही भूल गए. अगर आपने अक्षय कुमार और सिद्धार्थ मल्होत्रा की ब्रदर्स देखी हो, तो उस फिल्म और लाइगर के स्क्रीन-फील में मुश्किल से अंतर कर पाएंगे.